Retirement Age Hike News: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। खासकर उन डॉक्टरों और शिक्षकों के लिए जो आयुष विभाग से जुड़े हुए हैं। अब इन कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाने वाली है। इसके लिए आयुष विभाग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज भी दिया गया है। अब बस मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि आयुष कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों और शिक्षकों को भी एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह अतिरिक्त सेवा अवधि दी जाए। अब वह मांग पूरी होने के बेहद करीब है। अगर सबकुछ सही रहा तो जल्द ही इस प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी और हजारों कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रिटायरमेंट उम्र सीमा बढ़ने पर किसे फायदा होगा
यह नया नियम फिलहाल सिर्फ आयुष कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों और शिक्षकों पर लागू किया जाएगा। हर साल लगभग 15 से 20 डॉक्टर रिटायर हो जाते हैं और उनकी जगह नई भर्ती नहीं हो पाती। ऐसे में अनुभव रखने वाले डॉक्टरों को सेवा में बरकरार रखना सरकार के लिए ज़रूरी हो गया है। अब सरकार ऐसे सभी कर्मियों को 65 साल तक सेवा का अवसर देने की तैयारी में है।
अन्य राज्यों में पहले ही हो चुका है यह बदलाव
- उत्तराखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा अवधि पहले ही 65 वर्ष कर दी गई है।
- हिमाचल प्रदेश में थर्ड ग्रेड कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई है।
- मध्य प्रदेश में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए सेवा अवधि 65 वर्ष कर दी गई है।
अब उत्तर प्रदेश भी उसी दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। हालांकि यहां पर फिलहाल सभी सरकारी कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन भविष्य में इस पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार क्यों बढ़ा रही है रिटायरमेंट उम्र सीमा
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य कारण यह है कि अनुभवी कर्मचारियों से विभाग को लाभ मिलता है और जब समय पर नई भर्तियां नहीं हो पाती, तो विभाग का काम बाधित होता है। ऐसे में अनुभव रखने वाले कर्मियों को कुछ और वर्षों तक सेवा में बनाए रखना सरकार के लिए फायदेमंद होता है।
भविष्य में सभी विभागों में हो सकता है लागू
भविष्य में यह बदलाव केवल आयुष विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार सभी विभागों में रिटायरमेंट उम्र सीमा पर पुनर्विचार कर सकती है। केंद्र सरकार भी इस दिशा में कोई बड़ा कदम उठा सकती है। जैसे कि कई देशों में रिटायरमेंट की उम्र सीमा 67 से 68 साल तक है, वैसे ही भारत में भी यह सीमा बढ़ाई जा सकती है।
निष्कर्ष
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी तोहफे से कम नहीं है। आयुष विभाग के डॉक्टरों और शिक्षकों को अब 65 वर्ष तक सेवा करने का मौका मिलने वाला है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव लागू हो जाएगा और लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।





